दूध और पानी ,Hindi Story For Kid's (हिंदी कहानी) Hindi Short Story For Kid's

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कहानी-दूध और पानी

सीतापुर गांव में एक बुढ़िया रहती थी। वह पास के शहर में दूध बेचने जाया करती थी। वह बड़ी लालची थी। दूध में आधा पानी मिला दी थी। पानी मिलाकर दूध बेचकर उसने बहुत धन इकठ्ठा कर लिया था। शहर के रास्ते में एक तालाब पड़ता था।
 लौटते समय बुढ़िया उसमें नया कर दी थी नहाते समय वह अपने रुपयों की थैली को कपड़े से ढककर तालाब के किनारे रख देती थी एक दिन जब वो नहाया करती थी। नहाते समय वह अपने रुपयों की थैली को कपड़े से ढककर तालाब के किनारे रख देती थी। एक दिन जब वह नहाने के लिए तालाब में घुसी, तो अचानक एक बंदर वहां  आ पहुंचा। वह रुपयों की थैली लेकर पास के पेड़ पर चढ़ गया। बंदर थैली में से रुपए निकाल_निकाल कर तालाब में फेंकने लगा। बंदर का हाथ छोटा होने से कुछ रुपए पेड़ के नीचे गिर और बाकी रुपए तालाब में डूब गये। यह सब देखकर बुढ़िया रोने चिल्लाने लगी इतने में से एक लड़का वहां आ पहुंचा । उसने बुढ़िया से रोने का कारण पूछा बुढ़िया ने कहा मैंने इतने रुपए जमा किए थे लेकिन बंदर ने उन्हें पानी में फेंक दिया उस लड़के ने कहा बुढ़िया "अरी बुढ़िया! पेड़ के नीचे, जो रूपये गिरे हैं, उन्हें तो उठा ले, नहीं तो बंदर उन्हें भी पानी में फेंक देगा।" बुढ़िया ने झट से रुपये उठा। लिये। उसने रूपये गिने। पहले से ठीक आधे थे। लड़का समझदार था उसने बुढ़िया से कहा-- "बुढ़िया, ठीक तो है, अच्छा बता कि तू दूध में आधा पानी मिलाकर बेचती थी कि नहीं?" बुढ़िया ने सच्ची बात सुनकर लज्जा से सिर झुका लिया, वह धीमे स्वर में बोली - ' हां' उस लड़के ने उत्तर दिया -"जो पानी का रुपया था, वह पानी में चला गया । तेरे दूध का रुपया तेरे पास रह गया। अब दूध में कभी पानी नहीं मिलाना।   "बुढ़िया समझ गई । उस दिन से उसने कभी दूध में पानी नहीं मिलाया । सच है-- "दूध का दूध, पानी का पानी।"


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